Translate

Surah Al-Kahf, Verse 29

وَقُلِ الْحَقُّ مِن رَّبِّكُمْ فَمَن شَاءَ فَلْيُؤْمِن وَمَن شَاءَ فَلْيَكْفُرْ إِنَّا أَعْتَدْنَا لِلظَّالِمِينَ نَارًا أَحَاطَ بِهِمْ سُرَادِقُهَا وَإِن يَسْتَغِيثُوا يُغَاثُوا بِمَاءٍ كَالْمُهْلِ يَشْوِي الْوُجُوهَ بِئْسَ الشَّرَابُ وَسَاءَتْ مُرْتَفَقًا

And say: The truth is from your Lord, so let him who please believe, and let him who please disbelieve; surely We have prepared for the iniquitous a fire, the curtains of which shall encompass them about; and if they cry for water, they shall be given water like molten brass which will scald their faces; evil the drink and ill the resting-place.

Monday, 15 May 2017

Sultan Murad IV

सुलतान मुराद चतुर्थ/IV, ऑटोमन साम्राज्य का सुलतान था 1612-1640 तक। सुलतान की ये खूबी थी की वो अक्सर लोगों के बीच चला जाता था, लोगों का हाल जानने के लिए। एक शाम सुलतान को घबराहट हुई। सुलतान ने अपने सुरक्षा के नायब को बुलाया और दोनों शहर घूमने के लिए बाहर निकल गए। वे एक भीड़-भाड़ वाले इलाके में आए और देखा की ज़मीन पर एक आदमी लेटा हुआ है। सुलतान ने अपने नायब को इशारा किया। जब नायब ने उस आदमी को उठाने की कोशिश की तो देखा की वो मर चूका है। सुलतान ने लोगों के तरफ देखा सब अपने कामों में लगे हुए है किसी को परवाह नहीं की कोई रास्ते में मरा हुआ है।
सुलतान ने लोगों को बुलाया। लोग सुलतान को पहचान न पाए और कहा क्या है? सुलतान ने पूछा की ये आदमी यहाँ मरा पड़ा है और तुम लोगों को कोई ख्याल नहीं है? इसका परिवार कहाँ है? लोगों ने सुलतान से कहा की ये शराबी है, वैश्याओं के पास जाता है।
सुलतान ने कहा की क्या ये मोहम्मद (PBUH) के उम्मत में से नहीं है? अब मेरी मदद करो इसको इसके घर तक पहुँचाने में। सुलतान फिर लोगों की मदद से उस आदमी को उसके घर ले कर गया। घर पहुंचा कर सारे लोग चले गए और सुलतान और उसका नायब परिवार का हाल चाल लेने के लिए रुक गए। जब आदमी की बीवी ने देखा तो वो रोने लगी, और बोली "अल्लाह तुम पर रहम करे। ओ अल्लाह, मैं गवाही देती हूँ की ये पाक साफ़ दमन वालों में से है"।
सुलतान को ये सुन कर आश्चर्य हुआ। सुलतान बोला ये शख्स कैसे पाक-साफ़ दामन वालों में से हो सकता है, जब की लोग इसके बारे में ऐसा-ऐसा बोल रहे हैं। ये इतना बुरा है तभी तो रास्ते में मारा होने के बाद भी कोई पूछ नहीं रहा था।
बीवी बोली, मुझे आपसे इसी जवाब की उम्मीद थी। मेरा पति रोज़ शराब खाने जाता था और अपनी हैसियत के मुताबिक जितना हो सकता था शराब खरीद कर लाता था, और सारी शराब नाली में बहा देता था। फिर कहता था आज कुछ मुसलमानों को मैंने बचा लिया। उसके बाद वो वैश्यालय जाता था और कुछ मुद्रा दे कर कहता था की सुबह तक के लिए दरवाज़ा बंद कर लो। फिर घर आ जाता और कहता की आज मैंने एक जवान औरत और एक जवान मुसलमान को जिनाः/बुराई से बचा लिया।
लोगों ने इनको शराब खरीदते हुए देखा और वैश्या के पास जाते हुए देखा। फिर इसके बारे में तरह-तरह की बातें करने लगे। ये बातें सुन कर मैंने इनसे कहा कि लोग कैसी बातें करते हैं आपके बारे में, आप के मरने के बाद कोई नहलाने के लिए नहीं होगा, कोई जनाजा पढ़ने के लिए नहीं होगा और न कोई दफ़नाने के लिए होगा।
ये खूब जोर से हंसे और बोले, परेशान न हो, ईमान वालों का सुलतान अपने लोगों के साथ आकर मेरे शरीर पर जनाजे की नमाज़ पढ़ेगा। मैं अब कहाँ से सुलतान को बुलाऊँ, ये बोलकर वो औरत रोने लगी। इन बातों को सुनकर सुलतान रोने लगा और उस औरत से बोला। या अल्लाह! इसने सही कहा था। मैं सुल्तान मुराद हूँ। कल हम इसको नहलायेंगे, जनाज़े नमाज़ पढ़ेंगे और दफनायेंगे। वैसा ही हुआ, सुलतान, सारे आलिम/ओलमा, शहर के सारे लोग उसके नमाज़े जनाजा में शामिल हुए।
"हम दूसरों को अपने देखने और सुनने के हिसाब से परखते हैं। काश/अगर हम देख/सुन सकें की उसके दिल में क्या है, लेकिन वो तो एक गुप्त बंधन है उसके और ईश्वर के बीच"।

No comments:

Post a Comment